लखनऊ:उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हजारों शिक्षकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के करीब 70,000 शिक्षकों की पदोन्नति (Promotion) का रास्ता लगभग एक दशक (10 साल) बाद साफ होता नजर आ रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को अगले तीन सप्ताह के भीतर शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मुख्य बिंदु:
2016 के बाद से अटकी थी प्रक्रिया : उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की पदोन्नति वर्ष 2016 के बाद से विभिन्न कारणों से लंबित चली आ रही थी, जिससे शिक्षकों में लंबा इंतजार देखा जा रहा था।
23 अक्टूबर तक भेजनी होगी अंतिम सूची : बेसिक शिक्षा परिषद के निर्देशानुसार, सभी जिलों के बीएसए (BSA) को लगभग तीन सप्ताह के भीतर यानी 23 अक्टूबर 2026 तक वरिष्ठता सूची तैयार कर परिषद कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी। इस दौरान अनंतिम सूची जारी कर शिक्षकों की आपत्तियों का निस्तारण भी किया जाएगा।
नवंबर से शुरू हो सकता है प्रमोशन : जिला स्तर से वरिष्ठता सूची मिलने के बाद पात्रता और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करते हुए नवंबर 2026 से आधिकारिक रूप से पदोन्नति प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी है।
लगभग 70 हजार शिक्षकों को मिलेगा लाभ : उत्तर प्रदेश में कुल करीब 3.30 लाख परिषदीय शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से लगभग 70,000 पात्र शिक्षकों को इस पदोन्नति प्रक्रिया का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
किन शिक्षकों को मिलेगा फायदा?
इस प्रक्रिया के तहत प्राथमिक विद्यालयों के पात्र सहायक अध्यापकों को प्रधानाध्यापक या उच्च प्राथमिक विद्यालयों के पदों पर पदोन्नति दी जाएगी। लंबे समय से इस मांग को उठा रहे शिक्षक संगठनों और शिक्षकों ने शासन के इस कदम का स्वागत किया है। अब सभी की निगाहें 23 अक्टूबर की समयसीमा और नवंबर में शुरू होने वाले प्रमोशन पर टिकी हुई हैं।
