
जौनपुर/ जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 135ए (जौनपुर-शाहगंज पैकेज-2), 135ए (सिटी बाईपास), एनएच 233 (घाघरा-वाराणसी ब्रिज), तथा 135ए (पश्चिमी बाईपास) की परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति, भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, अवार्ड की स्थिति एवं लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन किसानों एवं भू-स्वामियों के मुआवजे का भुगतान अभी तक लंबित है, उनके प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करते हुए भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराई जाए। उन्होंने कहा कि अवार्ड घोषित होने के उपरांत किसी भी पात्र व्यक्ति को अनावश्यक रूप से भुगतान के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 135ए (जौनपुर-अकबरपुर पैकेज-2) की समीक्षा के दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी ने बताया कि परियोजना की कुल लंबाई लगभग 30.50 किमी है तथा प्रभावित 35 गांवों में अधिकांश भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है। परियोजना के अंतर्गत लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है, शेष कार्य को जिलाधिकारी ने अतिशीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिये है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि न्यायालय में लंबित प्रकरणों का विधिक स्तर पर प्रभावी पैरवी करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 135ए (सिटी बाईपास) की समीक्षा में बताया गया कि परियोजना की लंबाई लगभग 28 किमी है तथा अधिकांश प्रभावित गांवों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 233 (वाराणसी-आजमगढ़) के संबंध में अवगत कराया कि परियोजना की लंबाई लगभग 16 किमी है। जिसमें 08 किमी का कब्जा दिलाया जा चुका है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों एवं अन्य तकनीकी कारणों से लंबित प्रकरणों का तत्काल समाधान कराया जाए।
इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 135ए (जौनपुर पश्चिमी बाईपास) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि यह परियोजना जनपद की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण एवं राजस्व अभिलेखों के संशोधन से संबंधित सभी लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करते हुए परियोजना में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न होने दी जाए।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि अधिग्रहण एवं लंबित मुआवजा से संबंधित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा किसानों एवं प्रभावित परिवारों से समन्वय स्थापित कर उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ठ, एनएचआई के अधिकारीगण, संबंधित उपजिलाधिकारीगण, तहसीलदार, जिला सूचना अधिकारी, तथा राजस्व एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
