5 Jun 2026, Fri

क्या है आधार फेस ऑथेंटिकेशन? केंद्र सरकार लागू करने जा रही नए नियम

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  • केंद्र सरकार ने नए आधार नियमों को मंजूरी दे दी है. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन (DPDP) के तहत फेस ऑथेंटिकेशन और पर्पस लिमिटेशन रिक्वायरमेंट्स को भी मंजूरी दी है.
  • आधार कार्ड के लिए इन नए नियमों के लागू होने से बड़ा बदलाव आएगा. इससे आधार का इस्तेमाल सरकारी काम-काज के अलावा बाकी कामों में भी किया जा सकेगा. नए नियमों के तहत निजी कंपनियां भी सिस्टम का लीगल तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगी.
  • मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, UIDAI इन सभी बदलावों को रीडिजाइन किए गए आधार एप में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. ये नए नियम प्राइवेसी प्रोटेक्शन के साथ आधार का दैनिक जीवन में इस्तेमाल बढ़ाने के लिए लाए जा रहे हैं.
  • रिपोर्ट के मुताबिक, नए नियमों के लागू होने से फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल आधार वेरिफिकेशन के लिए किया जाएगा. पहले फेस वेरिफिकेशन कई सरकारी संस्थानों में प्रतिबंधित था.

कैसे काम करेगा फेस ऑथेंटिकेशन?

  • आधार फेस ऑथेंटिकेशन उस समय एक महत्वपूर्ण रोल निभा सकता है, जब आंख और उंगलियों से आधार वेरिफिकेशन करना संभव न हो. फेशियल वेरिफिकेशन से आधार होल्डर की भौतिक रूप से उपस्थिति दर्ज की जा सकती है.
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन नए नियमों की मदद से किसी भी इवेंट में, जिसकी टिकट पहले से बुक की गई हो, वहां लोगों की मौजूदगी पहले से भी ज्यादा सिक्योर हो जाएगी.
  • भारत सरकार द्वारा इन नियमों को जल्दी ही लागू किया जा सकता है. नए नियमों के तहत आधार होल्डर के पास अधिकार होगा कि वो आधार कार्ड में दी गई कौन सी जानकारी साझा करना चाहता है.
  • ये नए नियम आधार कार्ड होल्डर को अपने फोटो और उम्र से जुड़ी जानकारी भी अपनी मर्जी से शेयर करने का अधिकार देंगे. सरकार ये नए नियम डाटा प्राइवेसी की वजह से लागू करने जा रही है.

By Ashish

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